9 सूत्रीय सेवा, संस्कार एवं सामाजिक जागरण कार्यक्रम
1. सनातन परंपरा संवर्धन कार्यक्रम
हमारी परंपरा में जन्मदिन, विवाह वर्षगांठ और पारिवारिक विशेष अवसरों पर हवन-पूजन का विशेष महत्व रहा है। समय के साथ यह परंपरा लगभग समाप्त हो गई है।
श्री शनि परिवार इस परंपरा को पुनः सामान्य जीवन का हिस्सा बनाने के लिए विशेष अवसरों पर सिद्ध श्री शनि मंदिर हरिद्वार में मात्र ₹101 में हवन की व्यवस्था प्रारंभ कर रहा है, ताकि हर परिवार सरलता से सनातन संस्कारों से जुड़ सके।
2. गौशाला पिकनिक – नई पीढ़ी के लिए
आज बच्चे पालतू जानवरों के साथ तो सहज हो जाते हैं, लेकिन गौ माता से दूरी बना लेते हैं।
इस दूरी को कम करने के लिए ट्रस्ट प्रत्येक रविवार परिवारों को बच्चों के साथ श्री शनिकृष्ण गौशाला हरिद्वार आने के लिए प्रेरित करता है, जहाँ वे गौसेवा कर सकें और बच्चों में गौमाता के प्रति सम्मान और अपनापन विकसित हो।
3. रक्तदान – जीवन रक्षा का कार्य
रक्त की आवश्यकता हर समय और हर स्थान पर होती है। कई बार केवल रक्त की कमी के कारण जीवन संकट में पड़ जाता है।
श्री शनि परिवार समय-समय पर मंदिर परिसर में रक्तदान शिविर आयोजित करता है और इस कार्य को कॉलोनियों, गांवों और ग्रामीण क्षेत्रों तक ले जाने की योजना बना रहा है।
4. नेत्रदान जागरूकता कार्यक्रम
नेत्रदान के अभाव में बहुत से लोग जीवन भर अंधकार में रहते हैं, जबकि एक व्यक्ति का नेत्रदान कई लोगों की दुनिया रोशन कर सकता है।
ट्रस्ट ग्रामीण और शहरी क्षेत्रों में नेत्रदान के प्रति जागरूकता फैलाने का प्रयास कर रहा है।
5. मंदिर व्यवस्था एवं विकास
मंदिर आस्था का केंद्र होने के साथ-साथ सामाजिक एकता का स्थान भी होता है।
श्री शनि परिवार हरिद्वार स्थित सिद्ध श्री शनिदेव मंदिर की व्यवस्था को बेहतर बनाने तथा भविष्य में अधिक सुरक्षित और व्यवस्थित स्थान उपलब्ध कराने के लिए निरंतर प्रयासरत है।
6. भंडारा – लंगर सेवा
भंडारा सेवा समाज की सबसे सरल और प्रभावी सेवा है।
ट्रस्ट समय-समय पर लंगर का आयोजन करता है तथा शनि भक्तों द्वारा लगभग हर सप्ताह भंडारे आयोजित होते हैं। भविष्य में नियमित सेवा रसोई प्रारंभ करने का प्रयास किया जा रहा है, ताकि मंदिर परिसर में कोई भी भूखा न रहे।
7. वृक्षारोपण एवं पर्यावरण संरक्षण
पर्यावरण संरक्षण आज हम सभी की जिम्मेदारी है।
श्री शनि परिवार समय-समय पर वृक्षारोपण करता है और इस कार्य को और अधिक व्यवस्थित तथा जनभागीदारी से करने की योजना बना रहा है।
8. शिक्षा, संस्कार और आधुनिक ज्ञान का समन्वय (भविष्य योजना)
शिक्षा केवल रोजगार का साधन नहीं बल्कि अच्छे नागरिक निर्माण का माध्यम है।
श्री शनि परिवार ऐसी शिक्षा व्यवस्था की दिशा में कार्य करना चाहता है जहाँ भारतीय हिंदू संस्कारों के साथ आधुनिक और वैज्ञानिक सोच का संतुलित विकास हो।
9. सिविक सेंस जागरूकता अभियान
हम अक्सर विदेशों की सफाई और अनुशासन की चर्चा करते हैं, लेकिन अपने आसपास इन बातों पर ध्यान नहीं देते।
श्री शनि परिवार नागरिक व्यवहार को लेकर जागरूकता अभियान शुरू करना चाहता है जिसमें अच्छी ड्राइविंग आदतें, अपनी गली-कॉलोनी को साफ रखना और सार्वजनिक स्थानों पर जिम्मेदार व्यवहार को बढ़ावा दिया जाएगा।
9. सिविक सेंस जागरूकता अभियान
हम अक्सर विदेशों की सफाई और अनुशासन की चर्चा करते हैं, लेकिन अपने आसपास इन बातों पर ध्यान नहीं देते।
श्री शनि परिवार नागरिक व्यवहार को लेकर जागरूकता अभियान शुरू करना चाहता है जिसमें अच्छी ड्राइविंग आदतें, अपनी गली-कॉलोनी को साफ रखना और सार्वजनिक स्थानों पर जिम्मेदार व्यवहार को बढ़ावा दिया जाएगा।